भारतभूषण अग्रवाल सम्मान से सम्मानित अदनान कफील दरवेश की कविता ‘क़िबला’ पर युवा आलोचक आशीष मिश्र का लेख

0 comments

  ‘क़िबला’ के बहाने घरेलू श्रम पर बातचीत – आशीष मिश्र है परे सरहद-ए-इदराक से अपना मस्जूद क़िब्ले को एहल-ए-नज़र क़िबला-नुमा कहते हैं -ग़ालिब [1] कवि-मित्र अदनान को उनकी ‘क़िबला’ कविता और उसपर भारत भूषण अग्रवाल सम्मान की घोषणा पर बधाई! आगे इस काव्य-यात्रा के लिए शुभकामनाएँ! मैं अपने समय की रचनाशीलता से वाकिफ़ हूँ, […]

हादसों के बीच भरोसे की गवाही: दरवेश की कविताएँ

हादसों के बीच भरोसे की गवाही: दरवेश की कविताएँ

0 comments

हादसों के बीच भरोसे की गवाही: दरवेश की कविताएँ आशुतोष कुमार ‘सन् १९९२’ अदनान कफील दरवेश की २०१७ में लिखी कविता है. १९९२ बाबरी मस्जिद की शहादत का साल है. अयोध्या में हुए इस विध्वंस के इर्द-गिर्द हिन्दी में बहुत–सी कविताएं लिखी गईं है. इनमें से कुछ बहुत प्रसिद्ध भी है. जैसे ‘सामान की तलाश’ […]

मुक्तिबोध जन्म-शताब्दी के अवसर पर

मुक्तिबोध जन्म-शताब्दी के अवसर पर

0 comments

मुक्तिबोध की आलोचना-दृष्टि  बहस छिड़ी है…   यह साल गजानन माधव मुक्तिबोध की जन्म-शताब्दी का साल है । मुक्तिबोध की शताब्दी की धूम रही । मुक्तिबोध के प्रशंसकों और उनके निंदकों दोनों ने अपनी-अपनी तरह से मुक्तिबोध को याद किया । इस शताब्दी वर्ष में उन पर लिखा खूब गया । हिंदी की लगभग सभी […]

पक्षधर का नया अंक (अंक-23 : जुलाई-दिसंबर 2017)

पक्षधर का नया अंक (अंक-23 : जुलाई-दिसंबर 2017)

2 comments

    पक्षधर का नया अंक (अंक-23 : जुलाई-दिसंबर 2017) पक्षधर-23   अनुक्रम संपादकीय बहस छिड़ी है… एक कवि  : एक राग विजय कुमार की पंद्रह कविताएँ मैं शब्दकोशों से बाहर जीवन देख रहा हूँ/ अच्युतानंद मिश्र  व्याख्यान साहित्य : सत्य  और प्रकाश/ अशोक वाजपेयी विशेष-1 अक्टूबर  क्रांति  की शताब्दी सोवियत क्रांति : मानव संघर्ष […]